नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि स्वच्छ वायु एक साझा जिम्मेदारी है और सरकार के प्रयास तभी सफल हो सकते हैं जब नागरिकों का सहयोग प्राप्त हो।
श्री सक्सेना विधानसभा सत्र के पहले दिन सोमवार को अपने अभिभाषण में कहा कि दिल्ली में कई पुरानी समस्याएं हैं और मुझे उम्मीद है कि सरकार उन्हें हल कर लेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दस महीने में नकारात्मकता को दूर करने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि कहा, "महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय तथा बाबा साहब अम्बेडकर के समता के सिद्धांतों के अनुरूप पिछले 10 महीनों में सरकार ने दिल्ली के सभी नागरिकों के कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए हैं। इस वर्ष सरकार ने एक लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया। सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यवसायिक प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया है। निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनमें लाइसेंसिंग और श्रम कानूनों से जुड़े सुधार शामिल हैं। ई-गवर्नेंस के माध्यम से 75 डिजिटल सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया गया है। प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिसेस का क्रियान्वयन किया गया है, जो लंबे समय से लंबित था। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, बिजली, सड़क, पर्यावरण और सामाजिक न्याय पर फोकस किया है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पूर्व वर्षों की तरह केवल मौसमी उपायों तक सीमित रहने बजाय सरकार जून 2025 में ही एक व्यापक, वर्षभर लागू होने वाली और समयबद्ध वायु प्रदूषण न्यूनीकरण योजना आरम्भ की। यह योजना, रोकथाम, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जनभागीदारी पर केंद्रित है जिसमें सभी विभागों, स्थानीय निकायों और एनसीआर की एजेंसियों के समन्वित प्रयास शामिल है।
उन्होंने कहा कि हाल के सप्ताहों में प्रदूषण स्तर बढ़ने पर सरकार ने तुरंत जमीनी स्तर पर कदम उठाए। केवल दस महीनों में 1450 इलेक्ट्रिक बड़ों को शामिल कर बिना प्रदूषण करने वाले सार्वजनिक परिवहन को सशक्त किया गया है। खुले में आग जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए आरडब्ल्यूए को तीन हज़ार इलेक्ट्रिक हीटर निःशुल्क वितरित किए गए हैं और शहर में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है।
श्री सक्सेना ने कहा कि सरकार ने दिल्ली नगर निगम को इस वर्ष पाँच सौ करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुदान दिया है आगे प्रति वर्ष तीन सौ करोड़ का अनुदान दिया जाएगा जो कूड़ा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में तेजी लाएगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि शराब की दुकानों को छोड़कर सभी निर्माण और वाणिज्यिक स्थानों को 24 घंटे सुविधाएं प्रदान की गई हैं। साथ ही 21 वर्षों से लागू पंजीकरण की अनिवार्य नवीनीकरण व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत मिली है। मौजूदा श्रम कानूनों को समाहित कर चार व्यापक श्रम संहिताओं में एकत्रित किया गया है। इससे न केवल कानूनों की जटिलताओं को कम किया गया है, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियां और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ दिल्ली के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए जिला परियोजना निधि योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 1400 करोड़ की राशि के साथ मुख्यमंत्री विकास निधि को स्वीकृति दी गई है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का दृढ़ विश्वास है कि सभी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना ही समावेशी और संवेदनशील शासन की पहचान है।
श्री सक्सेना ने कहा कि वर्षों से उपेक्षा और प्रदूषण के कारण यमुना नदी की स्थिति दयनीय रही है। सरकार आते ही यमुना की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यमुना सफाई कॉनलेकर कई स्तर पर एक साथ कार्य किए जा रहे हैं। नए एसटीपी लगाए जा रहे हैं और वर्तमान एसटीपी को अपग्रेड करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं। इन सभी पहलों का प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा। दिल्ली जल बोर्ड को जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नौ हज़ार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ड्रेनों की गाद सफाई और इनमें गिरने वाले गोबर की रोकथाम के लिए बायोगैस प्लांट लगाने के कार्य भी प्रारंभ किए गए हैं।
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