उदयपुर , दिसम्बर 26 -- भारतीय खनन अभियंता संघ (एमईएआई) राजस्थान चेप्टर एवं उदयपुर चेम्बर आफ काॅमर्स एण्ड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) के संयुक्त तत्वाधान में 'स्वचालित धर्मकांटा और वाहन ट्रेकिंग प्रणाली' विषय पर शुक्रवार को तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते एमईएआई के सचिव आसिफ एम अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्थान सरकार का खान एवं भूविज्ञान विभाग खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन और राजस्व संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में प्रमुख शासन सचिव (खान) टी रविकांत के मार्गदर्शन में राज्य में स्वचालित धर्मकांटा और जीपीएस आधारित वाहन ट्रेकिंग प्रणाली को चरणबद्ध रूप से लागू करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक-सक्षम व्यवस्था के लागू होने से खनिज परिवहन में मानव हस्तक्षेप न्यूनतम होगा और ओवरलोडिंग, फर्जी ई-रवन्ना एवं अवैध खनन परिवहन पर प्रभावी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। स्वचालित धर्मकांटा के के तहत रेडियो आवृत्ति पहचान (आरएफआईडी), स्थान संवेदक, कैमरा, एलईडी डिस्प्ले, ट्रैफिक लाइट एवं ई-रवन्ना प्रणाली के एकीकृत उपयोग से वाहन का वजन, पहचान एवं दस्तावेज पूर्णतः स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किये जाएंगे।
प्रस्तावित प्रणाली में वाहन के प्रवेश से लेकर निकास तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी। वाहन की तस्वीरें, वजन विवरण और ई-रवन्ना पास स्वतः उत्पन्न होकर स्टेट डाटा सेन्टर में सुरक्षित रूप से संधारित रहेंगे, जिससे जवाबदेही, पारदर्शिता और राजस्व संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
श्री अंसारी ने बताया कि जीपीएस आधारित वाहन ट्रेकिंग प्रणाली के माध्यम से खनिज परिवहन वाहनों की वास्तविक समय में उसके स्थान का पता लगाना संभव होगा। यह प्रणाली नाविक (एनएवीआईसी) या जीपीएस आधारित होगी और नेटवर्क बाधा की स्थिति में भी डेटा सुरक्षित रखने की क्षमता रखेगी,जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
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