चंडीगढ़ , मार्च 14 -- चंडीगढ़ नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े करीब 116.84 करोड़ रुपये के घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओब्ल्यू) ने मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है। वाधवा की तलाश हरियाणा पुलिस भी कर रही थी, क्योंकि उस पर 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में शामिल होने के आरोप भी हैं।

जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस आरोपी की खोज में लगी हुई थी, लेकिन उससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया। अब ईओडब्ल्यू की टीम उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नगर निगम का सरकारी धन केवल फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट के जरिए ही नहीं निकाला गया, बल्कि उसे ओपन मार्केट में भी लगाया गया। आरोप है कि यह पैसा बिल्डरों, होटल कारोबारियों और ज्वैलर्स को ऊंचे ब्याज पर दिया जाता था।

इस मामले में चंडीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा ने नगर निगम में आउटसोर्स पर कार्यरत अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा और सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

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