रायपुर , अप्रैल 15 -- ) छत्तीसगढ़ के रायपुर में सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए आधुनिक स्पीड कैमरे अब कुछ लोगों के लिए मनोरंजन का साधन बनते जा रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग इन कैमरों के सामने दौड़कर अपनी गति मापते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं। इस प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है और आमजन को चेतावनी जारी की है।
रायपुर पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश जारी करते हुए कहा है कि "रील बनाने के चक्कर में लोग अपनी ही सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। सड़क पर इस तरह दौड़ना न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी खतरनाक है।" पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के जोखिम भरे व्यवहार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें।
दरअसल, राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा पहली बार लेडार तकनीक आधारित स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से सात अत्याधुनिक कैमरे विभिन्न शहरों में स्थापित किए गए हैं।
इन कैमरों की स्थापना रायपुर के मरीन ड्राइव, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद क्षेत्र सहित बिलासपुर बायपास, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी के कुरूद इलाके में की गई है। इन स्थानों का चयन ट्रैफिक दबाव और दुर्घटना के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
तकनीकी रूप से उन्नत ये कैमरे लगभग 100 मीटर की दूरी से वाहनों की गति को सटीक रूप से माप सकते हैं। साथ ही, ये एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर उनकी जानकारी रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। ओवरस्पीडिंग की स्थिति में वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जाते हैं, जिसके आधार पर स्वतः ई-चालान जारी हो जाता है।
इसके अतिरिक्त, चालान की सूचना व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से वाहन मालिक तक पहुंचाई जाती है। कैमरों में नाइट विजन सुविधा भी है, जिससे रात और खराब मौसम में भी निगरानी प्रभावी बनी रहती है।
फिलहाल इन कैमरों का परीक्षण चरण जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में लोगों को जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित