नयी दिल्ली , मार्च 09 -- रेहड़ी पटरी लगाकर गुजारा करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के संगठन नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के एक महीने बाद भी स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के क्रियान्वयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों का दिल्ली में पालन नहीं हो रहा है जिसके कारण हजारों स्ट्रीट वेंडर अब भी अनिश्चितता की स्थिति में हैं।

(नासवी) ने इस देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा है और कानून के तहत लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत शुरू करने का आग्रह किया है।

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 9 फरवरी 2026 को दिए गए अपने आदेश में स्ट्रीट वेंडरों से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान एमसीडी द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और नागरिक निकाय को निर्देश दिया कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर प्रस्तुत की जाए। इनमें पात्र वेंडरों को अस्थायी वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करना, टाउन वेंडिंग कमेटी के चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करना, 23 टाउन वेंडिंग कमेटियों का गठन करना और वेंडिंग प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।

हालांकि, नासवी के अनुसार दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हालिया सर्वेक्षण चरण पूरा हो जाने के बावजूद इन प्रक्रियाओं की शुरुआत अभी तक प्रभावी रूप से नहीं हो पाई है।

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