रामनगर , जनवरी 26 -- उत्तराखंड में रामनगर के कोसी नदी के अंतर्गत पड़ने वाले खड़ंजा गेट को सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि खनिज निकासी के रेट में भारी कटौती किए जाने से उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसके चलते मजबूरन यह कदम उठाया गया है।

ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि पहले खनिज परिवहन का रेट 21 रुपया प्रति कुंतल था, जिसे अब घटाकर 16 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। इस अचानक की गई कटौती से उन्हें डीजल, मजदूरी, वाहन रखरखाव और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मौजूदा रेट पर काम करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

प्रदर्शन कर रहे ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि स्टोन क्रेशर मालिकों ने अपने एकाधिकार के तहत रेट कम कर दिए हैं। पहले स्टोन क्रेशर मालिक खनिज 20 से 21 रुपये प्रति कुंतल के आसपास लेते थे लेकिन अब वही माल 16 रुपये प्रति कुंतल में लिया जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों की कमर टूट गई है।

ट्रांसपोर्टरों ने साफ कहा है कि जब तक खनिज निकासी और परिवहन के रेट में उचित बढ़ोतरी नहीं की जाती, तब तक खड़ंजा गेट को बंद रखा जाएगा। उनका कहना है कि इस गेट से आईबीएम, बोल्डर और रेता जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की निकासी होती है और गेट बंद होने से न केवल ट्रांसपोर्टरों का काम ठप पड़ा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है।

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