महासमुंद , दिसंबर 16 -- छत्तीसगढ के महासमुंद जिले में नेशनल हाइवे-53 के किनारे स्थित करणी कृपा स्टील एंड पावर प्लांट से निकल रहे प्रदूषण ने आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदूषण के कारण 10 से अधिक गांवों में धान की फसल काली पड़ गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण से प्रभावित गांवों के किसान मंगलवार को ट्रैक्टरों में धान भरकर जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टोरेट का घेराव करने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि पुलिस एवं प्रशासन की कड़ाई के चलते करीब 50 किसान ही कलेक्टोरेट परिसर तक पहुंच सके, जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

किसानों का आरोप है कि प्लांट से उड़ने वाली राख और धुएं के कारण उनकी धान की फसल पूरी तरह काली हो चुकी है। इस कारण समितियों ने धान खरीदी से इनकार कर दिया है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने जल्द से जल्द मुआवजा देने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है।

इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसानों को राहत मिलने का इंतजार है, वहीं प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।

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