चेन्नई , मार्च 06 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक)अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राज्य के विकास के लिये अगले पांच वर्षों के रोडमैप का अनावरण करते हुए कहा है कि वर्ष 2030 तक तमिलनाडु को एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
श्री स्टालिन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किये गये एक संदेश में कहा कि इसी दिन अन्ना (द्रमुक के संस्थापक और पहले द्रमुक मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई) के नेतृत्व में पहले मंत्रिमंडल ने पदभार ग्रहण किया था और तमिल जाति ने गर्व से अपना सिर ऊंचा किया था।"उन्होंने कहा कि आज के ही दिन अन्ना ने पहली द्रमुक सरकार के गठन के साथ राज्य के पुनरुत्थान का बीज बोया था। उन्होंने कहा " मैं अगले पांच वर्षों के लिए तमिलनाडु के विकास के लिए अपना स्टालिन बयान दे रहा हूं। मैं जनता के समर्थन से द्रविड़ मॉडल 2.0 सरकार की आधारशिला उस दिन रख रहा हूं जिस दिन 1967 में द्रविड़ शासन की शुरुआत हुई थी।"आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपना रोडमैप जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कई घोषणाएं कीं। नंदंबक्कम स्थित विशाल चेन्नई ट्रेड सेंटर में आयोजित "कनावु मेयिपाडुम" परामर्श कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कल्याणकारी एवं विकास संबंधी कई पहलों की घोषणा की जिनमें 2030 तक सात लाख घरों के निर्माण का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भी शामिल है।
श्री स्टालिन ने कहा कि सरकार की प्रमुख परियोजना 'कलाइग्नार ड्रीम हाउसिंग स्कीम' के अंतर्गत 2030 तक ग्रामीण क्षेत्रों में पांच लाख और शहरी क्षेत्रों में दो लाख घर बनाने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य तमिलनाडु में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।ये घोषणाएं द्रमुक सरकार द्वारा शुरू की गई "उंगल कनवई सोल्लुंगल" (अपने सपने बताओ) पहल के समापन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में की गईं हैं।
इस जागरूकता अभियान के दौरान, स्वयंसेवकों ने "एन ऊर एन कनावु" (मेरा गांव, मेरा सपना) कार्यक्रम के लिए सुझाव भी एकत्रित किये जिनका उद्देश्य सभी 38 जिलों के लिए विजन 2030 विकास योजनाएं तैयार करना है। आठ क्षेत्रीय दीर्घकालिक विकास योजनाओं पर भी परामर्श प्राप्त किए गए जबकि "मेरा सपना, मेरा भविष्य" पहल के अंतर्गत लगभग 10 लाख युवाओं से डेटा एकत्रित किया गया।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, मंत्रीगण, विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ, फिल्म जगत की हस्तियां, वैज्ञानिक और युवा उपलब्धि प्राप्त करने वाले लोग उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और रोजगार में सुधार लाने के उद्देश्य से कई पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रमुख घोषणाओं में से एक प्रत्येक जिले में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र स्थापित करना है। सरकार मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाने के लिए विशेष चिकित्सा शिविर भी आयोजित करेगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के लिए घोषणा करते हुए कहा कि 12 लाख किसानों को कृषि उपकरण वितरित किये जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक तमिलनाडु में दूध उत्पादन को बढ़ाकर 45 करोड़ लीटर करना है।
शिक्षा क्षेत्र में, सरकार की योजना 2030 तक राज्य में 1,000 मॉडल स्कूल स्थापित करना और "नान मुधलवन 2.0" कार्यक्रम के माध्यम से कौशल विकास को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 2030 तक 90 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए भी कदम उठाएगी। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शिक्षा पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाएगा और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में एआई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
श्री स्टालिन ने यह घोषणा भी की कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एआई-आधारित प्रौद्योगिकियों को लागू किया जाएगा, जबकि कपड़ा, चमड़ा, परिधान और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पिछड़े समुदायों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
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