चेन्नई , दिसंबर 15 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रयास को लेकर केंद्र की भरतीय जनता पार्टीँ (भाजपा) नीत सरकार की कड़ी निंदा की और कहा कि जिस तरह जनता ने तीन कृषि कानूनों और जाति जनगणना पर केंद्र सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया, उसी तरह महात्मा गांधी के नाम पर बनी इस योजना को नष्ट करने के प्रयासों के खिलाफ भी जनता ऐसा ही करेगी।
श्री स्टालिन ने एक्स पर अपने पोस्ट में केंद्र के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा , "राष्ट्रपिता के प्रति प्रतिशोध की भावना से भाजपा सरकार ने एमजीएनआरईजीएस से उनका नाम हटाकर इसका नाम एक उत्तर भारतीय नाम रख दिया है जिसका उच्चारण करना असंभव है।"केंद्र सरकार एमजीएनआरईजीएस का नाम बदलकर विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 करने की योजना बना रही है। इसके तहत प्रति वर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है और जिसका शत प्रतिशत वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।
श्री स्टालिन ने कहा कि पूरी तरह से केंद्रीय निधि से लागू की जा रही इस योजना के तहत केंद्र अब केवल 60 प्रतिशत धनराशि ही आवंटित कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि तमिलनाडु को गरीबी उन्मूलन करके इतिहास रचने के लिए दंडित किया जाएगा और कहा कि राज्य के गरीबी मुक्त होने मात्र से ही राज्य के लोगों को इस योजना के तहत कम धनराशि ही मिलेगी।
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