लखनऊ , फरवरी 18 -- उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। प्रदेश में निवेश करने वाले बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और इन्वेस्ट यूपी के बीच समन्वय स्थापित करते हुए 'कौशल कनेक्ट सेल' का गठन किया गया है।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण और सेवायोजन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए स्पीडअप-पीएमयू को मिशन से जोड़ा गया है। यह पीएमयू 'कौशल कनेक्ट सेल' के माध्यम से निवेशकों के साथ रियल-टाइम समन्वय स्थापित करेगा, जिससे उद्योगों की मांग के अनुरूप समय पर स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराई जा सके।

'कौशल कनेक्ट सेल' का कार्य केवल प्रशासनिक नहीं होगा, बल्कि यह रियल-टाइम ट्रैकिंग के जरिए इन्वेस्ट यूपी के साथ दैनिक समन्वय कर निवेश परियोजनाओं की स्थिति अपडेट करेगा। इसके तहत जिलेवार निवेश, सेक्टरवार आवश्यकताओं (जैसे आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल आदि) और आवश्यक मानव संसाधन का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। साथ ही उद्योगों के एचआर विभाग से संपर्क कर प्रशिक्षित युवाओं को सीधे प्लेसमेंट दिलाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि वर्तमान में मिशन के तहत लगभग 35 सेक्टर्स और 1300 से अधिक जॉब रोल्स में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 'कौशल कनेक्ट सेल' के सक्रिय होने से ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की मांग के बीच की खाई समाप्त होगी और युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।

समन्वय को मजबूत करने के लिए दोनों विभागों की ओर से एकल संपर्क सूत्र (एसपीओसी) भी नामित किए गए हैं। इन्वेस्ट यूपी की ओर से ओमैर शहिद एसपीओसी होंगे, जबकि कौशल विकास मिशन की ओर से डॉ. पवित्रा टंडन इस सेल की अध्यक्षता करेंगी। मिशन एसपीओसी के रूप में अतुल कुमार सिंह को नामित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के साथ उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख 'स्किल हब' बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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