कानपुर , दिसंबर 09 -- उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के प्रति लोगों को जागरुक करते हुये कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिरूपण करना अपराध है, जो कि जानकारी के अभाव में किया जा रहा है और इसकी शिकायत साइबर सेल में आये दिन प्राप्त हो रही है।

पनकी औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की साइबर सेल द्वारा आयोजित एक गोष्ठी में सलाह दी गयी कि यदि हम साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहेंगे तो इससे हम बच सकते हैं। टीम ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए हमारा जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है। ऐसे अपराधों में अपराधी हम से सूचना लेकर परेशानी में डाल सकता है।

सोशल मीडिया फ्राड के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फाइनेंसियल फ्राड के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि कैसे हम अपने सोशल मीडिया अकाउंट को सेफ रख सकते है। सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित करने के लिये हमें अपने फोन में दो चरणीय सत्यापन (टू स्टेप वेरीफिकेशन) को सक्रिय (इनेबल) करने के साथ-साथ प्रोफाइल लाक रखना चाहिये, इससे कोई भी हमारा अकाउंट हैक नहीं कर सकता अगर कोई ऐसा करने का प्रयास भी करता है तो आपके पास अलर्ट मैसेज आ जाएगा।

साइबर अपराध के नए-नए तरीकों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि अपने सोशल मीडिया मित्रों को व्यक्तिगत जानकारी देने से बचें इससे भी कई बार साइबर अपराध होना पाया गया है। इस मौके पर उन्होंने अपराधियों के द्वारा प्रयोग किए जाने वाले कई एप्लीकेशन के विषय में जानकारी देते हुए उससे बचाव का तरीका भी सहज और सरल तरीके से बताया जो कि आमजनमानस को काफी पसंद आया। साथ ही साथ ओएलएक्स पर समान खरीदने बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, बैंक में केवाईसी अपडेट के नाम पर फ्रॉड, एटीएम एक्सचेंजिंग व एईपीएस फ्रॉड, केबीसी की लॉटरी लगने के नाम पर ठगी, बिजली भुगतान के नाम पर धोखाधड़ी, नौकरी देने के नाम पर धोखाधड़ी करने की घटनाओं के बारे में सैकड़ों की संख्या में मौजूद व्यापारी व आमजनमानस को बताया।

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