मुरैना , फरवरी 17 -- सोशल मीडिया के बहकावे में भटकी एक युवती को वन स्टॉप सेंटर ने परामर्श देकर परिवार से मिलाने का मामला प्रकाश में आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार यह कहानी एक ऐसी किशोरी (काल्पनिक नाम - शिवि) की है, जो अनजाने में सोशल मीडिया के झूठे आकर्षण के जाल में उलझ गई थी, लेकिन समय पर मिले मार्गदर्शन, परामर्श और परिवार के सहयोग से वह पुनः सुरक्षित जीवन की राह पर लौट सकी।

शिवि एक साधारण, स्नेही परिवार की सबसे छोटी और लाड़ली बेटी थी। एक दिन अपनी माँ का मोबाइल उपयोग करते समय उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर एक युवक (काल्पनिक नाम - राज) से हुई। प्रारंभ में सामान्य बातचीत धीरे-धीरे भावनात्मक संदेशों में बदल गई और किशोरावस्था की सहज भावुकता में शिवि उसकी बातों से प्रभावित हो गई।

जब यह बात परिवार को पता चली तो माता-पिता ने उसे समझाने का प्रयास किया कि यह उसकी पढ़ाई और भविष्य निर्माण का समय है। परंतु भावनात्मक उलझन में शिवि ने उनकी बातों को गलत समझा और युवक के बहकावे में आकर घर से निकल गई।

परिजनों ने तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस द्वारा खोजबीन के बाद शिवि को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। प्रारंभ में वह परिवार के साथ जाने को तैयार नहीं थी, इसलिए उसे अस्थायी आश्रय एवं परामर्श हेतु वन स्टॉप सेंटर, मुरैना में रखा गया।

वन स्टॉप सेंटर के परामर्शदाताओं ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ शिवि से संवाद किया। उसे समझाया गया कि सच्चा संबंध विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान पर आधारित होता है, न कि केवल सोशल मीडिया संदेशों पर। साथ ही उसके माता-पिता को भी बताया गया कि किशोरावस्था में भावनात्मक भूल असामान्य नहीं है और ऐसे समय बच्चों को दंड नहीं बल्कि सहयोग और विश्वास की आवश्यकता होती है।

लगातार परामर्श के बाद शिवि को अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने आगे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनने और सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने का संकल्प लिया। अंततः माता-पिता भी उसे स्नेहपूर्वक अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो गए और इस प्रकार किशोरी पुनः अपने परिवार से मिल सकी।

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर, मुरैना जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में 24 घंटे हिंसा एवं संकट से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, परामर्श एवं सहयोग प्रदान कर रहा है। केंद्र की प्रशासक श्रीमती अपूर्वा चौधरी एवं उनकी टीम निरंतर संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों को सही दिशा देने का कार्य कर रही है।

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