चम्पावत , मई 03 -- उत्तराखंड के चम्पावत में आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य संगम 'गोल्ज्यू महोत्सव' के रूप में सोमवार (04 मई) से गोरलचौड़ मैदान में शुरू होने जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।

नगर पालिका परिषद चम्पावत के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का समापन 13 मई को होगा। भगवान गोल्ज्यू (न्याय के देवता) की पावन भूमि पर आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को भी जीवंत करेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से होगा। इसके बाद स्वागत-अभिनंदन कार्यक्रम एवं विभिन्न विद्यालयों व सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

महोत्सव के पहले तीन दिन 04, 05 और 06 मई को प्रतिदिन रात 8 बजे से 'स्टार नाइट' का आयोजन किया जाएगा।

चार मई को लोक गायक दर्शन फर्स्वाण, गोविंद दिगारी और खुशी दिगारी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं पांच मई को माया उपाध्याय, इंदर आर्य और नीरज चुफाल मंच पर नजर आएंगे जबकि 06 मई को श्वेता महारा, ललित मोहन जोशी, स्वामी भट्ट, सौरभ मैठानी और हरि जोशी दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

इसके अलावा 05 और 06 मई को शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। संस्कृति, विकास और स्थानीय उत्पादों का संगममहोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प और उत्तराखंड के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय और अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी ने बताया कि महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने जनपदवासियों एवं पर्यटकों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर इस आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है। गोल्ज्यू महोत्सव-2026 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का भी माध्यम बनेगा।

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