नयी दिल्ली , दिसंबर 16 -- कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राज्यसभा में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं जैसी महिला कर्मियों की बदहाली का मुद्दा उठाया और उनका मानदेय बढाने जाने की मांग की।
उन्होंने आशा तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं , सहायिकाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की स्थिति की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण के सारे दावों के विपरीत इन महिलाओं को कम मानदेय और बिना सामाजिक व व्यावसायिक सुरक्षा के अधिक काम करने को मजबूर कर रही है। श्रीमती गांधी ने इन महिला कर्मियों के लिए सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग की।
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि देश भर में आशा कार्यकर्ता टीकाकरण, जागरूकता अभियान, मातृ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण जैसे कार्यों में लगी रहती हैं, फिर भी वे कम मानदेय और सीमित सामाजिक सुरक्षा के साथ स्वयंसेवी बनी रहती हैं। इसी प्रकार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा मात्र 4,500 रुपये और 2,250 रुपये प्रति माह का मामूली मानदेय दिया जाता है।
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