पटना , दिसंबर 05 -- बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सोनपुर मेला प्रदेश की समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक विरासत एवं लोक जीवन की पहचान है।
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने आज सोनपुर मेला परिसर में सहकारिता विभाग की ओर से स्थापित "सहकारिता मंडप" के सभी स्टॉलो का निरीक्षण किया तथा खरीदारी की। सहकारिता मंडप के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला बिहार की समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक विरासत एवं लोक जीवन की पहचान है। इस ऐतिहासिक मेले में सहकारिता विभाग द्वारा स्थापित 'सहकारिता मंडप' न केवल उत्पादों की प्रदर्शनी का स्थान है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भी है।
मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य की सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित हस्तकरघा उत्पादों, मखाना उत्पाद, शहद, हस्तशिल्प संबंधित उत्पादों को एक मंच प्रदान कर उपभोक्ताओं से जोड़ने का यह प्रयास उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता को ग्रामीण विकास का एक आधार स्तम्भ बनाया जाय, जिससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार, पहचान एवं बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। सहकारिता मंडप में प्रदर्शित हो रहे विभिन्न उत्पाद प्रदेश के ग्रामीण कौशल एवं परम्परा की मिसाल है।
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सहकारिता विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि सहकारी समितियों को अधिक अवसर मिले, प्रशिक्षण तथा बाजार की सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ राज्य में स्वावलंबन एवं उद्यमिता को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि लगभग 3000 वर्गफीट में निर्मित "सहकारिता मंडप" राज्यभर की सहकारी समितियों को अपने विशिष्ट एवं स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने तथा बिक्री का अवसर उपलब्ध करा रहा है। मंडप में विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं बुनकर समितियों के उत्पादों को प्रमुखता के साथ स्थान दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य सहकारी बैंक अपनी बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय उत्पादों का प्रचार करते हुए लोगों को अधिक संख्या में खाता खोलने हेतु प्रोत्साहित कर रहा है।
श्री कुमार ने कहा कि बिहार राज्य भंडार निगम सहकारिता मंडप में गोदाम निर्माण, कृषि उपज भंडारण, खरीद-बिक्री, परिवहन संबंधित अपनी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा स्थापित सहकारिता मंडप राज्य की सहकारी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।
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