चंडीगढ़ , फरवरी 21 -- कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने घग्गर नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा भेजे गए आधिकारिक जवाब पर गंभीर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से विभिन्न नालों के माध्यम से अपशिष्ट जल घग्गर में छोड़ा जा रहा है, तो केवल कागजी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। सुश्री सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकारों से समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से सफाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

घग्गर किनारे बसे गांवों की खेती प्रभावित हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि घग्गर में गिर रहे सभी सीवरेज आउटलेट और गंदे नालों को तुरंत बंद किया जाए।

जहां यह संभव न हो, वहां निर्धारित मानकों के अनुसार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से पूर्ण शोधन के बाद ही पानी छोड़ा जाए। साथ ही मौजूदा एसटीपी की क्षमता और कार्यप्रणाली की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कियह मुद्दा लाखों लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा है, इसलिए सरकार को त्वरित और ठोस कदम उठाने होंगे।

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