कुरुक्षेत्र , अक्टूबर 28 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरियाणा की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं पर आधारित राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।
इस अवसर पर श्री सैनी ने कहा कि यह महोत्सव हरियाणा की गौरवशाली विरासत और ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत करता है तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रेरक मंच है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा हमें ज्ञान देती है, जबकि संस्कृति हमारी पहचान और मूल्य सिखाती है। युवाओं को दोनों से जुड़कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार महोत्सव में लगभग 3,500 युवा कलाकार 34 विभिन्न लोक कलाओं में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।
कार्यक्रम में पद्मश्री संत राम देशवाल और अनूप लाठर को कला एवं संस्कृति में योगदान के लिए सम्मानित किया गया और 'रत्नावली टाइम्स' पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को कृषि, उद्योग और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बनाना है। गीता महोत्सव और सूरजकुंड शिल्प मेला जैसे आयोजन राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा रहे हैं।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि 1985 में शुरू हुआ यह महोत्सव अब हरियाणा की संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित