चंडीगढ़ , अप्रैल 26 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक जागरूकता एवं सम्मान समारोह में संगठित श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन की घोषणा की है।
इस बोर्ड के माध्यम से ऑटो चालक और ड्राइवरों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने कोड ऑन वेजिज के तहत न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की है। वर्तमान में न्यूनतम वेतन बढ़कर 19,425 रुपये हो चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29 योजनाओं के तहत 34,197 श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से 40 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी जरूरतों का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने ई-श्रम पोर्टल का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य के लाखों श्रमिक इसमें पंजीकृत हैं और पंजीकरण पर 1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जांच, ईएसआई सुविधाओं के विस्तार और अटल आवासीय विद्यालय जैसी योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश की प्रगति में श्रमिकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
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