चंडीगढ़ , मार्च 13 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंचाई विभाग के कार्यों में बिना उचित कारण के परियोजनाओं की लागत में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये और तय समय सीमा में ही पूरे किये जायें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी भी उपस्थित रहीं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने हमीदा हेड से पिचोलिया हेड तक संवर्धन नहर के पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए। इसके साथ ही वेस्टर्न यमुना कैनाल पर रेलवे ब्रिज के निर्माण कार्य की भी समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित बजट और समय सीमा में पूरी होनी चाहिए। यदि किसी ठेकेदार की गलती से परियोजना की लागत बढ़ती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाये। किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण परियोजना की लागत बढ़ने पर उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, इंजीनियर-इन-चीफ डॉ. सतबीर कादियान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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