मुंबई , फरवरी 04 -- नये ऑर्डर और उत्पादन में तेजी से इस साल जनवरी में सेवा क्षेत्र की रफ्तार और तेज हो गयी तथा इसका एचएसबीसी भारत सेवा पीएमआई कोरोबारी गतिविधि सूचकांक 58.8 पर पहुंच गया।
पिछले साल दिसंबर में सूचकांक 58 पर रहा था। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना वृद्धि को और इससे नीचे रहना गिरावट को दर्शाता है जबकि 50 का स्तर स्थिरता का द्योतक है।
भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने बुधवार को जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह आंकड़ा सेवा क्षेत्र की सतत गति को दर्शाता है। नये ऑर्डरों में स्थिर वृद्धि के दम पर उत्पादन मजबूत बना हुआ है। दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया समेत विदेशों से मांग में वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि कारोबारी विश्वास तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। लागत और उत्पाद मूल्य बढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी वृद्धि दर लंबे समय के औसत से कम है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नये ऑर्डरों में दो महीने की सबसे तेज वृद्धि देखी गयी। दिसंबर में इसकी रफ्तार 11 महीने के निचले स्तर पर दर्ज की गयी थी। कंपनियों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ाने से भी बिक्री बढ़ाने में मदद मिल रही है।
सेवा क्षेत्र के भीतर वित्त एवं बीमा खंड का प्रदर्शन जनवरी में नये ऑर्डर और उत्पादन दोनों ही मामलों में सबसे अच्छा रहा। नये ऑर्डर में वृद्धि मुख्यतः घरेलू बाजार की बदौलत हुई है। विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर में भी मजबूत तेजी रही। नये ऑर्डरों में तीन महीने की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को मिलाकर संयुक्त पीएमआई दिसंबर 2025 के 57.8 से बढ़कर जनवरी में 58.4 पर पहुंच गया। साल के पहले महीने में रोजगार में भी वृद्धि देखी गयी।
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