दरभंगा , जनवरी 30 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि सेमिनार में शामिल होने से शोधार्थियों की लिखने और सोचने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर रसायनशास्त्र विभाग की ओर से 'मल्टीडिस्किपलिनरी एस्पेक्ट्स ऑफ केमिकल साइंसेस (आईसीएमएसीएस-2026)' विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केमिकल साइंसेस का प्रयोग सभी क्षेत्रों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि 2020 के दशक में, केमिकल साइंसेस तेजी से प्रगति के साथ कई अनपेक्षित सफलताएं हासिल की है।
कुलपति ने कहा कि रिसर्च के क्षेत्र में कार्य होने से विश्वविद्यालय नैक, एनईपी 2020 व अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। विद्वता की कोई सीमा नहीं होती है। प्राध्यापक का कार्य केवल नौकरी करना नहीं होता है, बल्कि नवाचार को बढ़ाना होता है।
सेमिनार के मुख्य अतिथि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के प्रो. विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि रिसर्च के क्षेत्र में दिमाग से ज्यादा दिल लगाकर कार्य करने वालों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय में युवा प्राध्यापक को बढ़ावा मिलने के कारण विश्वविद्यालय निरंतर पढ़ाई के साथ रिसर्च में नव आयाम स्थापित कर रहा है। केमिस्ट्री का ही असर है कि सभी रंग में कोई न कोई विटामिन पाया जाता है। सभी विषयों में केमिस्ट्री होता है। उन्होंने कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय का भवन भी मंदिर की तरह ही है।
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के अध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शोधार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए समय-समय पर सेमिनार का आयोजन होना चाहिए। इस सेमिनार से छात्रों को काफी लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कुलपति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में मिथिला विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सुधार, शोध एवं नवाचार, डिजिटल शिक्षा और आधारभूत संरचना के विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है।
वित्तीय परामर्शी इंद्र कुमार ने भी समारोह को संबोधित किया। रसायनशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. अनिरुद्ध शर्मा ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि सेमिनार के आयोजन से ज्ञान का आदान-प्रदान होता है। डॉ. अभिषेक राय ने रसायनास्त्र विभाग में नित्य किए जा रहे प्रयोग से लोगों से अवगत कराते हुए कहा कि विभाग के शिक्षक शोध पत्र प्रस्तुत करने के साथ ही एडवांस स्टडी और नैक में विश्वविद्यालय को बेहतर ग्रेड मिले इसके लिए कार्य कर रहे हैं। सेमिनार में जर्नल का भी विमोचन किया गया।
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