रांची , जनवरी 31 -- झारखंड की राजधानी रांची में सेना की जमीन पर निर्माण कार्य की अनुमति के नाम पर रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सेना के एक हवलदार और उसके निजी सहयोगी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामला सेना की डिफेंस लैंड पर अवैध निर्माण को दोबारा शुरू कराने से जुड़ा हुआ है।

सीबीआई द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एजेंसी ने डिफेंस लैंड एनओसी, आर एंड ओ तथा एफएलटी यूनिट में तैनात आर्मी हवलदार और उसके एक निजी सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से सेना की जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने की अनुमति देने के बदले कुल 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

मामले की शुरुआत 30 जनवरी 2026 को सीबीआई में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी हवलदार ने पहले ही 13 जनवरी 2026 को उससे 50 हजार रुपये वसूल लिए थे और शेष रकम किश्तों में देने का दबाव बना रहा था। इसके तहत 30 जनवरी को आरोपी दूसरी किश्त के रूप में फिर 50 हजार रुपये लेने के लिए राजी हुआ।

शिकायत की पुष्टि के बाद सीबीआई ने तुरंत जाल बिछाया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से तय रकम मांगते और स्वीकार करते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके साथ ही सीबीआई की टीम ने आरोपियों के आवासीय परिसरों पर छापेमारी भी की, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और भ्रष्टाचार से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित