जयपुर , फरवरी 03 -- सेना और महात्मा गांधी चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों तथा उनके आश्रितों को चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और उन्नत स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने के लिए मंगलवार को एक समझौता (एमओयू) किया।
रक्षा सूत्रों के अनुसार यह समझौता सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस सहयोग काउद्देश्य भारतीय सेना के कर्मियों के आश्रितों को छात्रवृत्ति प्रदान करना और सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं में लाभ उपलब्ध कराना है।
समझौते के तहत महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और महात्मा गांधी डेंटल कॉलेज में प्रवेश पाने वाले सैन्य कर्मियों के प्रतिभाशाली बच्चों को एक लाख रुपये प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ एंड साइंस के अन्य संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में प्रवेशित विद्यार्थियों को निर्धारित ट्यूशन फ़ीस के 33 प्रतिशत के बराबर छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। समझौते के अंतर्गत सेना के चिकित्सा संस्थानों में जो उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और जो उपचार एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम के तहत भी कवर नहीं होता, उन परिस्थितियों में सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को नि:शुल्क चिकित्सा प्रदान की जाएगी।
यह साझेदारी एमजीयूएमएसटी की शैक्षणिक उत्कृष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति निरंतर सहयोग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।
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