सिलीगुड़ी , अप्रैल 11 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तेज होते चुनाव प्रचार के बीच एक वायरल फोटो ने राजगंज में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस तस्वीर में श्री सुवेंदु अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक खागेश्वर रॉय के साथ दिखाया गया, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई।

बताया जा रहा है कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों में रोड शो के लिए सिलीगुड़ी पहुंचे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल हो गई, जिसने राजगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज कर दीं।

इस सीट से एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को को तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है, जबकि चार बार के विधायक खागेश्वर रॉय को इस बार टिकट नहीं दिया गया है।

तस्वीर में श्री रॉय को अधिकारी के साथ एक कार में बैठे दिखाया गया, जिससे अटकलें लगने लगीं कि श्री रॉय पार्टी से नाराज हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इसे एआई से बनाई गई फर्जी तस्वीर बताते हुए खारिज किया और श्री रॉय की पार्टी प्रचार में भागीदारी की तस्वीरें साझा कीं।

श्री खागेश्वर रॉय ने एक वीडियो जारी कर भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए यह तस्वीर जानबूझकर फैलाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीएमसी राजगंज सीट पर जीत दर्ज करेगी।

वहीं, श्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस तस्वीर को खारिज करते हुए कहा, "मैं आज उनसे नहीं मिला। यह फोटो शायद 2009 या 2013 की है, जब मैं चुनाव प्रचार के लिए राजगंज आया था। मैं किसी वरिष्ठ नेता के बारे में झूठ नहीं बोलता।"उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी अब पहले जैसी नहीं रही और उस पर अपराधियों का कब्जा हो गया है।

इस मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) का भी जिक्र सामने आया है, जिसे उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाला बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी संस्था की सलाह पर श्री खागेश्वर रॉय की जगह नए चेहरे को टिकट दिया गया।

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