फगवाड़ा , अप्रैल 07 -- पंजाब में कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी के एक परिवार के पांचवें पुत्र की भी मंगलवार को अमृतसर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी।
पिछले कुछ वर्षों में इस परिवार चार पुत्रों की मौत हो चुकी है।
मृतक, गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहा था, उसे हालत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल कपूरथला से अमृतसर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली। चिकित्सा रिपोर्टों में मृत्यु का कारण लिवर सिरोसिस बताया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने बताया कि परिवार में ये मौतें आठ साल से अधिक के अंतराल में हुई हैं और इनके अलग-अलग कारण रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आठ साल पहले एक बेटे की संदिग्ध ड्रग ओवरडोज के कारण मृत्यु हो गयी थी। सात साल पहले दूसरे बेटे की जान जलने के कारण गयी थी। उसी दौरान तीसरे बेटे की जेल में बंद रहने के दौरान मृत्यु हुई थी, उस पर एनडीपीएस एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज थे। दो साल पहले चौथे बेटे की मृत्यु 'लिवर फेलियर' के कारण हुई थी, जिसका संबंध कथित तौर पर अत्यधिक शराब के सेवन से था। आज मरने वाले पांचवें बेटे का भी नशीली दवाओं के सेवन का इतिहास रहाथा और उस पर पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसे 2023 में नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था और बाद में 29 नवंबर, 2025 को अदालत ने उसे दोषी ठहराया था।
श्री तूरा ने बताया कि वह एक 'आउटपेशेंट ओपियोइड असिस्टेड ट्रीटमेंट' (ओट) केंद्र में उपचार करा रहा था और हाल ही में 30 मार्च को उसने दवा ली थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उसे विशेष देखभाल के लिए अमृतसर रेफर किया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गयी।
उन्होंने बताया कि कपूरथला पुलिस ने नशा तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। 605 व्यक्तियों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 64 ए के तहत उपचार का लाभ उठाया है और कानूनी छूट मांगी है। एक बड़ी वित्तीय कार्रवाई में, पिछले एक महीने में ही अधिनियम की धारा 68 एफ के तहत 1.3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) किया गया है।
एसएसपी ने जनभागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया और बताया कि 'सेफ पंजाब हेल्पलाइन' के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 629 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं और 753 गिरफ्तारियां हुई हैं। विभाग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री तूरा ने कहा कि कपूरथला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति का पालन कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अधिकारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समय पर उपचार और पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित किया।
उल्लेखनीय है कि नशे के घातक परिणामों का जिक्र करते हुए श्री झिंजर ने सोमवार को सुल्तानपुर लोधी की एक बेबस मां, मनजीत कौर का मामला उठाया था। उन्होंने बताया कि नशे की भेंट चढ़कर इस मां के चार बेटों की मौत हो चुकी है। अब उनका पांचवां बेटा भी बिस्तर पर मौत से जूझ रहा है; वह न तो कुछ बोल पा रहा है और न ही कुछ खा पाने की स्थिति में है। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पंजाब के सैकड़ों गांवों का कड़वा सच बन चुका है।
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