पटना , मार्च 27 -- िहार के सुदूर गाँवों, टोलों और बसावटों को राज्य के प्रमुख मार्गों से जोड़ने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग ने सुलभ संपर्कता योजना की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से राज्य के दुर्गम और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग तथा वृहद जिला पथ से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की पहुँच को प्रमुख प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक केंद्रों तक सुगम, सुरक्षित एवं बाधारहित बनाना है।

राज्य के कई ऐसे गाँव और टोले रहे हैं, जहाँ से मुख्य सड़कों तक पहुँचने के लिए लोगों को संकरे, घुमावदार या कच्चे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था। विशेषकर बारिश के दिनों में यह सफर एक बड़ी चुनौती बन जाता था,लेकिन अब सुलभ संपर्कता योजना के माध्यम से इन पुरानी समस्याओं का एक स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के धरातल पर उतरने से अब ग्रामीणों को अपनी पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल या सीधे जिला मुख्यालय जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गाँवों की जीवन रेखा मानी जाने वाली इन ग्रामीण सड़कों को सीधे तौर पर उच्च क्षमता वाले मार्गों से मिलाया जा रहा है, जिससे आवागमन निर्बाध होगा और समय की भी बचत होगी।

इस योजना का दायरा केवल सड़कों को जोड़ने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जनजीवन को भी एक नई और तेज गति प्रदान कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित अत्यंत महत्वपूर्ण स्थलों, जैसे बड़े अस्पताल, उच्च शिक्षण संस्थान, प्रमुख बाज़ार, बैंक और पर्यटन स्थलों तक आम लोगों की आवाजाही को सुलभ बनाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए सुलभ मार्गों और वैकल्पिक रास्तों (थ्रू रूट या बाईपास) का नवनिर्माण तथा जर्जर हो चुकी सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, ताकि संकरे रास्तों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके।

सुलभ संपर्कता योजना के तहत बन रही इन सुदृढ़ सड़कों से ग्रामीणों का सफर न केवल सुरक्षित और आरामदायक होगा, बल्कि समाज के हर एक वर्ग को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब आपात स्थिति में किसी गंभीर मरीज को एम्बुलेंस से बिना हिचकोले खाए अस्पताल ले जाना हो, किसानों को अपनी ताजी उपज लेकर बड़ी मंडियों तक पहुँचना हो, दूरदराज के स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं का सुरक्षित सफर हो या फिर बाजार जाने वाली महिलाओं और पर्यटकों की सहूलियत हो, यह योजना हर पहलू से महत्वपूर्ण है।

विभाग का यह दूरदर्शी कदम बिहार के गाँवों को विकास की मुख्यधारा से मजबूती के साथ जोड़कर एक आत्मनिर्भर और सशक्त राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

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