सुलतानपुर , मार्च 19 -- नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिला कारागार में 252 बंदियों ने व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। इनमें एक मुस्लिम बंदी फहीम भी शामिल है, जिसने विधिवत धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
जेल सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि नवरात्रि के पहले दिन कारागार परिसर स्थित मंदिर में कलश स्थापना के साथ पर्व का शुभारंभ किया गया। बंदियों को प्रत्येक बैरक में कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। व्रत रखने वाले बंदियों में 14 महिला बंदी भी शामिल हैं। व्रत के दौरान बंदियों को जेल मैनुअल के अनुसार विशेष आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें उबला आलू, दूध, केले एवं चीनी शामिल हैं। मुस्लिम बंदी फहीम बैरक संख्या 4 में निरुद्ध है और वह भी शांतिपूर्ण ढंग से व्रत व पूजा-अर्चना कर रहा है।
कारागार प्रशासन के अनुसार धार्मिक गतिविधियां पूर्ण अनुशासन एवं शांति के साथ संपन्न हो रही हैं और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
सूत्रों ने बताया कि महिला बंदियों के लिए कारागार में सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण भी संचालित किया जा रहा है, ताकि रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें। वर्ष 2025 में 27 महिला बंदियों को प्रशिक्षण देकर रिहा किया गया, जबकि वर्तमान में 35 महिला बंदियों में से सात प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
इसके अतिरिक्त कारागार में महिला एवं पुरुष बंदियों के लिए पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है तथा डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
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