गरियाबंद , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सुरक्षित इंटरनेट दिवस (सेफर इंटरनेट डे) के अवसर पर गुरुवार को कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देशानुसार कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में एनआईसी के उपनिदेशक द्वारा इंटरनेट के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव के उपाय तथा डिजिटल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने इंटरनेट की मूल अवधारणा, दैनिक जीवन में इसके बढ़ते उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, एआई से जुड़े संभावित साइबर खतरों, साइबर हाइजीन प्रैक्टिसेज तथा साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र के बारे में विस्तार से बताया।

अधिकारियों को विशेष रूप से राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में अवगत कराया गया तथा साइबर घटनाओं की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट करने की अपील की गई।

कार्यशाला में बताया गया कि डिजिटल युग में इंटरनेट जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, किन्तु इसके साथ साइबर धोखाधड़ी, फिशिंग, डेटा चोरी एवं ऑनलाइन ठगी जैसे खतरे भी बढ़े हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी जिज्ञासाओं से संबंधित प्रश्न पूछकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

इस दौरान ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मिथिलेश देवांगन ने एआई के बढ़ते उपयोग, उससे जुड़े संभावित जोखिमों तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के महत्व पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतने और अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करने की सलाह दी।

कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डिजिटल युग में सुरक्षित व्यवहार अपनाने तथा साइबर जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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