बीजापुर , फरवरी 13 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अलग-अलग इलाकों में चलाए गए अभियानों में भारी मात्रा में विस्फोटक एवं आईईडी बरामद किए गए, वहीं कई माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे क्षेत्र में शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।
बीजापुर पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार,सबसे बड़ी कार्रवाई थाना उसूर क्षेत्र के ताड़पाला हिल्स इलाके में देखने को मिली, जहां केरिपु 196 वाहिनी और कोबरा 204 की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखा गया विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग स्थानों से प्लास्टिक ड्रम और पॉलिथीन में छिपाकर रखी गई सामग्री को बरामद किया। इस विस्फोटक सामग्री में 13 डेटोनेटर और 11 किलोग्राम गन पाउडर शामिल है। इसके अलावा घटनास्थल से माओवादियों के लिए तैयार वर्दी, जूते, कैप, डोरी, यूएसबी केबल और सोलर प्लेट जैसे उपकरण भी मिले हैं।
इसी इलाके में एरिया डॉमिनेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा बिछाए गए विस्फोटकों का भी पता लगाया। जमीन में प्रेशर स्विच सिस्टम से लगाए गए 13 बियर बॉटल आईईडी बरामद किए गए। साथ ही लोहे के पाइप में तैयार किया गया एक डायरेक्शन आईईडी भी मिला। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी आईईडी को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया।
अभियान के दौरान टेकमेटला कुंजामपारा क्षेत्र में माओवादियों द्वारा बनाए गए एक स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया गया। यह स्मारक माओवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार का केंद्र बना हुआ था।
वहीं, थाना मोदकपाल क्षेत्र के ग्राम पंगुड़ में भी सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना मोदकपाल और सीआरपीएफ की बी/62 वाहिनी नुकनपाल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर माओवादियों द्वारा पूर्व में बनाए गए कुल छह स्मारकों को ध्वस्त कर दिया।
सुरक्षा बलों ने इस अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया। इसके तहत मौके पर चलित थाना लगाया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और उनके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान वहां देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और ग्रामीणों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाकर सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया।
जिले में इस तरह की लगातार कार्रवाइयों से माओवादियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटकों की बरामदगी से बड़ी घटना को अंजाम देने की माओवादियों की साजिश नाकाम हुई है, वहीं स्मारकों को ढहाने से जमीनी स्तर पर उनकी पैठ कमजोर हुई है।
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