पटना , मार्च 23 -- बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत सुमेरा पंचायत की मुखिया गुड़िया कुमारी ने पंचायत की सभी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया है।
बिहार में महिला मुखियाओं के विकासात्मक कदम पंचायतों को नई दिशा दे रहे हैं। गांवों को इको-फ्रेंडली बनाना हो या बच्चों का स्कूल ड्रॉपआउट कम करना, हर मोर्चे पर सक्रिय प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत सुमेरा पंचायत की मुखिया गुड़िया कुमारी ने पंचायत की सभी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया है। उनकी सकारात्मक पहल से घर से निकलने में संकोच करने वाली महिलाएं अब बाहर जाकर अच्छी कमाई कर रही हैं।
गुड़िया कुमारी ने वर्ष 2021 में मुखिया पद संभाला और उसके बाद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। नाला-सड़क जैसे पारंपरिक काम से आगे बढ़कर उन्होंने महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया, जिससे पंचायत की कई महिलाएं अब स्वावलंबी बन चुकी हैं। उन्होंने पंचायत की विभा देवी और उनके समूह को बड़े बाजार से जोड़ा। विभा देवी के साथ छह महिलाएं पिछले वर्ष से हाथ से लाह की चूड़ियां बनाकर बेच रही हैं।
पंचायती राज मंत्री की ओर से उद्यमी पुरस्कार से सम्मानित यह समूह घर पर ही उत्पादन करता है और अब शहर के खादी मॉल में इनकी चूड़ियां उपलब्ध हैं। ये महिलाएं उद्यमी मेलों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। विभिन्न अवसरों के लिए खास डिजाइन वाली चूड़ियों से उनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
मुखिया गुड़िया ने कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को मनरेगा से जोड़ा। स्वयं सहायता समूहों की मदद से कई महिलाएं पशुपालन और बकरी पालन कर रही हैं। यहां 12 से अधिक महिलाएं विभिन्न छोटे-बड़े उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। कुछ महिलाएं ऑनलाइन सामान बेच रही हैं। इसके अलावा 28 महिलाएं फैक्ट्री में सिलाई ऑपरेटर के रूप में अच्छी मासिक कमाई कर रही हैं, जबकि कुछ मॉल में नौकरी कर रही हैं। इनमें से कई ने अपनी बचत से स्कूटी खरीद ली है।
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