सुपौल , मार्च 05 -- बिहार में सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड कार्यालय में गुरूवार को जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया, जहां प्रखंड स्तर के बडी़ संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिला पदाधिकारी सावन कुमार छातापुर प्रखंड कार्यालय में 11.43 बजे पहुंचे। इस दौरान पाया गया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचल अधिकारी, मनरेगा पीओ ,वीसीओ सहित कई अधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में संविदा के आधार पर कर्मचारी एवं कम्प्यूटर आपरेटर कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।

सूत्रों ने बताया कि जिला पदाधिकारी ने संबंधित प्रखंड के मुख्य द्वार पर पर ताला लगवा दिया था।इस बीच अंचल अधिकारी को जिला पदाधिकारी के आने की सूचना मिली तो वह वहां पहुंचे,लेकिन मुख्य द्वार बंद रहने पर वह पिछले द्वार से जिला पदाधिकारी के समक्ष पहुंचे। मनरेगा पीओ ने 06 और 07 मार्च को अनुपस्थित रहने का आवेदन दिया था, लेकिन वह पांच मार्च से ही गायब पाए गए। संविदा लिपिक रामनरायण झा , रतन कुमार और कम्प्यूटर ऑपरेटर पूजा कुमारी कार्यालय से गायब मिले । इन लोगों को तत्काल प्रभाव से जिला पदाधिकारी ने सेवा से मुक्त करने का आदेश दे दिया है।

जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि जिन पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पाई गई है उनकी वेतन में कटौती के साथ साथ उन्हें कारण पृच्छा (शोकाउज) नोटिस जारी किया जाएगा तथा संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर उनपर प्रपत्र (क) गठित किया जायेगा।

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