नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- सरकार ने शुक्रवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में जीवन के हर क्षेत्र में सुधार लाने वाले कई विधेयक पारित किये गये और आगामी सत्रों में भी सुधारों से जुड़े विधेयक लाये जाते रहेंगे तथा सुधारों की गति तेज होगी।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शीतकालीन सत्र की समाप्ति के बाद संसद भवन परिसर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मोदी सरकार की सुधारों से जुड़ी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' तेजी से चल पड़ी है और आगामी दिनों में यह और गति पकड़ेगी।" उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान आठ महत्वपूर्ण विधेयक पारित किये गये।

उन्होंने कहा कि सत्र में वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर और चुनाव सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गयी। वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर सदन में चर्चा करवा कर देशभक्ति के जागरण को फिर से आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सभा में सदन के नेता जे पी नड्डा ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। इससे एसआईआर प्रक्रिया की सचाई सामने आ गयी। अब किसी तरह का भ्रम नहीं रहा।

श्री रिजिजू ने कहा कि ग्रामीण भारत में रोजगार और अवसरंचना निर्माण से जुड़ा जी राम जी विधेयक, स्वास्थ्य सुरक्षा से देश की सुरक्षा, सबका बीमा, परमाणु ऊर्जा से जुड़ा शांति विधेयक और पुराने कानूनों को हटाने से संबंधित विधेयक पारित होने से लोगों के जीवन में सहूलियतें आयेंगी। आम जनता के जीवन में सुगमता और सरलता लाने को मोदी सरकार प्रमुखता देती रही है और आगामी दिनों में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को लूट का जरिया बनाकर रखा गया था। यह हर राज्य में लूट का जरिया बना हुआ था। इसमें सुधार लाने के लिए विकसित भारत जी राम जी विधेयक लाया गया है। नया कानून बनने से भ्रष्टाचार मिटेगा, पारदर्शिता आयेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी अवसरंचना का निर्माण होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग थी कि तीन विधेयक संयुक्त संसदीय समिति या स्थायी समिति को भेजे जायें, जिस पर दो विधेयक इन समितियों काे भेजे गये। विपक्षी सदस्यों ने जी राम जी विधेयक को भी संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की थी। इसे समिति को न भेजकर पारित कराया गया।

श्री रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने वंदेमातरम्, चुनाव सुधार और विधेयकों पर हुई चर्चा में भाग लिया, लेकिन लोक सभा में जी राम जी विधेयक पारित कराने के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, कागज फाड़कर फेंके और सदन के बीचोबीच आकर मेजों पर चढ़ने की कोशिश की। यह कृत्य निराशाजनक था, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला इस मामले काे देखेंगे और जरूरत होगी तो जांच की जायेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदूषण पर चर्चा की मांग की थी, सरकार सहमत थी, लेकिन बाद में विपक्षी दलों ने इस पर चर्चा न करके हंगामा किया। इसका उन्हें मलाल है। प्रदूषण पर चर्चा होती, तो अच्छा होता।

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