सुकमा , जनवरी 07 -- छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठन ताश की पत्तों की तरह बिखरने लगा है बुधवार को फिर सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें सात महिला नक्सली शामिल हैं। इन नक्सलियों पर 64 लाख रुपयों का ईनाम घोषित था।
छत्तीसगढ़ के साथ ही आसपास के अन्य राज्यों में भी सक्रिय नक्सलियों ने तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) विस्फोट के जरिए, गोलीबारी करके और घात लगाकर हमलों को अंजाम देकर सुरक्षा बलों के 56 जवानों की जानें ली हैं।
सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अर्ध सैनिक बल के बहुत से बटालियन (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल 02, 159, 212, 217, 226 और कोबरा 201) की आसूचना शाखा के जरिए नक्सलियों को आत्म समर्पण के मनाया जा रहा था, सीआरपीएफ , डीआरजी और अन्य बलों की मेहनत के कारण आज आखिरकार राज्य पुलिस को इस काम में सफलता हाथ लगी है।
लाली उर्फ मुचाकी आयते, मुरिया आदिवासी डिप्टी कमांडर रैंक की नक्सली है, इस पर दस लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। वर्ष 2005 से अब तक यानी कि बीस वर्षों में यह नक्सली आठ छोटे बड़े नक्सल घटनाओं में शामिल थी। यह नक्सली एके 47 लेकर चला करती थी, ग्राम सोनाबेड़ा से कोरापुट मार्ग में साल 2017 में सुरक्षा बल के एक वाहन को आईईडी लगाकर उड़ा दिया गया था, इस ब्लास्ट में 14 जवानों की शहादत हुई थी।
लाली की तरह दूसरे इनामी नक्सली हेमला (जगर गुंडा जिला सुकमा के बारे में पुलिस ने बताया कि इस नक्सली पर आठ लाख रुपयों का ईनाम घोषित था। वर्ष 2011 से अब तक यह नक्सली पांच छोटी-बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2020 - मिनपा में हुए मुठभेड़ में पुलिस के 17 जवानों की शहादत हुई थी, यह नक्सली इस मुठभेड़ के दौरान वहां मौजूद था।
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