खरगोन , दिसम्बर 30 -- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा प्रति एकड़ कपास खरीदी की सीमा घटाए जाने के विरोध में सोमवार को खरगोन जिला मुख्यालय पर कपास उत्पादक किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। किसानों ने दिनभर प्रदर्शन करते हुए दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे कृषि उपज मंडी परिसर में हुई। खरीदी शुरू होते ही जब सीसीआई अधिकारियों ने प्रति एकड़ खरीदी सीमा 12 क्विंटल से घटाकर 5.7 क्विंटल करने की घोषणा की, तो किसान आक्रोशित हो गए। नाराज किसानों ने मंडी के प्रवेश द्वार पर अपने वाहन खड़े कर रास्ता बंद कर दिया, जिससे खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।
किसान प्रतिनिधि दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि सीसीआई खरीदी शुरू होने के बाद से लगातार नियमों में बदलाव कर रही है। इससे किसानों को मजबूरन अपनी उपज खुले बाजार में कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। किसानों ने स्लॉट बुकिंग में तकनीकी खामियों और कपास लौटाए जाने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
सूचना मिलने पर अपर कलेक्टर रेखा राठौर, उप संचालक कृषि एसएस राजपूत और सीसीआई अधिकारी गणेश धसकट मंडी पहुंचे और किसानों से चर्चा की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया।
दिनभर खरीदी नहीं होने से नाराज किसान शाम को बावड़ी बस स्टैंड पहुंचे और मुख्य मार्ग पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने करीब सात घंटे तक सड़क जाम रखा, जिससे इच्छापुर-भुसावल और खंडवा-वडोदरा राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि उपज मंडी समिति खरगोन की सचिव शर्मिला निनामा ने बताया कि जिले में कपास की उत्पादकता के आधार पर 5.7 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी तय की गई है, जबकि किसान पुराने मानक 12 क्विंटल प्रति एकड़ के अनुसार खरीदी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्लॉट बुकिंग से अधिक कपास मंडी ला रहे थे, जिससे जिनिंग फैक्ट्रियों में क्षमता से अधिक स्टॉक जमा हो गया और प्रोसेसिंग में दिक्कत आ रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों की मांग पर सोमवार को लाई गई कपास की खरीदी कर ली गई है। साथ ही 30 दिसंबर से आगामी सूचना तक जिले की मंडियों में सीसीआई की खरीदी स्थगित रहेगी। भीकनगांव और बड़वाह में भी किसानों ने सड़क जाम कर सीसीआई की नीति के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
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