मुंबई , दिसंबर 09 -- विक्रय मूल्य और लागत में स्थिरता के बीच चालू वित्त वर्ष में सीमेंट कंपनियों के मुनाफे में 2.50 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है।

बाजार अध्ययन एवं साख निर्धारक कंपनी क्रिसिल इंटेलीजेंस की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में सीमेंट उत्पादन में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई थी जिसके चालू वित्त वर्ष में 6.5 से 6.75 प्रतिशत के बीच बढ़ने की उम्मीद है। खासकर, दूसरी तिमाही में अब तक उत्पादन आठ से नौ प्रतिशत बढ़ा है। इसमें पहली तिमाही की ठहरी हुई मांग और लोगों के पास नकदी की उपलब्धता का भी योगदान है।

देश की 14 सीमेंट कंपनियों के बैलेंसशीट के अध्ययन के आधार पर तैयार रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया है कि इस साल सीमेंट की 50 किलोग्राम की बोरी की औसत कीमत 354 से 359 रुपये के दायरे में रह सकती है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हालिया सुधारों में सीमेंट को 28 फीसदी के स्लैब से हटाकर 18 फीसदी में किया गया है। इससे खुदरा मूल्यों में गिरावट की गुंजाइश है। हालांकि मांग बढ़ने से उद्योग के लिए परिदृश्य सकारात्मक रहेगा।

क्रिसिल इंटेलीजेंस के निदेशक सेहुल भट्ट ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में सीमेंट की औसत कीमत तीन प्रतिशत बढ़ी है। अनुमान है कि जीएसटी सुधारों का पूरा असर तीसरी तिमाही से दिखेगा। इसमें दूसरी छमाही में कीमतों में चार-पांच प्रतिशत की गिरावट आयेगी।

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