नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान एक उच्च-स्तरीय भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए आर्मेनिया के चार दिनों के अधिकारिक दौरे पर पहुंचे हैं।

एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यूआईडीएस) ने एक बयान जारी करते हुए प्रतिनिधिमंडल के येरेवन पहुंचने की जानकारी दी। यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है और इससे सैन्य सहयोग, रक्षा क्षमता विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद के और गहरा होने की उम्मीद है।

एचक्यूआईडीएस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और लंबे समय के रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पोस्ट में लिखा गया, "येरेवन में प्रतिनिधिमंडल का आर्मेनिया में भारत की राजदूत सुश्री नीलाक्षी साहा सिन्हा और रिपब्लिक ऑफ आर्म्ड फोर्सेज के डिप्टी चीफ मेजर जनरल तैमूर शाहनजरयान ने गर्मजोशी से स्वागत किया।" पिछले साल कई उच्चस्तरीय बातचीत के माध्यम से भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा क्षेत्र में जुड़ाव लगातार बढ़ा है।

दोनों देशों के अधिकारी अक्टूबर 2025 में हैदराबाद में रक्षा सहयोग पर भारत-आर्मेनिया संयुक्त कार्य समूह के एक सत्र के लिए मिले, जहां सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने, रक्षा उद्योग के रिश्तों को बढ़ाने और साझा सुरक्षा चिंताओं को दूर करने पर चर्चा हुई।

भारतीय पक्ष का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) विश्वेश नेगी ने किया, जबकि आर्मेनिया का प्रतिनिधित्व लेवोन अयवाज्यान ने किया, जो आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय में नीति और अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग की देखरेख करते हैं।

बढ़ती कूटनीति गर्मजोशी जून के आरंभ में भी दिखाई दी, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मार्सिले में आर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान के साथ बातचीत की। उनकी बैठक में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई और दोनों देशों को प्रभावित करने वाले क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान शामिल था।

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