श्रीगंगानगर , मई 05 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट से सांठगांठ करके तस्करों की मदद करने के आरोप में पुलिस के एक हवलदार को निलम्बित कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह घटना तब हुई जब जिला पुलिस एक बड़े अभियान में पाकिस्तानी तस्करों द्वारा भारतीय सीमा में गिरायी गयी करीब 11 किलोग्राम हेरोइन की खेप बरामद करके तस्करों को गिरफ्तार करने में जुटी हुई थी। हवलदार मंगतराम ने उसी समय पुलिस दल को गुमराह करने की कोशिश की। करीब एक महीने की गहन जांच के बाद सुबूत हासिल करके हवलदार मंगतराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गयी है।
विश्वसनीय सूत्रों और जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों के अनुसार विगत 26 मार्च को रावला थाना क्षेत्र के चक 7-8 एसकेएम की रोही में पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से भारतीय सीमा में गिरायी गयी 10 किलो 830 ग्राम हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गयी थी। इस अभियान के तहत ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 20 पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 10 किलो 830 ग्राम हेरोइन थी।
सूत्रों ने बताया कि उक्त अभियान की समीक्षा में पता चला कि 26 मार्च को जब अभियान चल रहा था, तब रावला क्षेत्र में तैनात एक पुलिस महत्वपूर्ण टास्क पर काम कर रही थी और वह कॉल विवरण रिकॉर्ड (सीडीआर) प्रकोष्ठ से फोन लोकेशन एवं कॉल विवरण जानकारी ले रही थी। उस समय सीडीआर में तैनात हवलदार मंगतराम ने दल को गलत सूचनाएं देकर भटकाने की कोशिश की, जिससे तस्करों को भागने में मदद मिल सकती थी।
बाद में जांच में और बड़ा खुलासा हुआ कि हवलदार मंगतराम न केवल पुलिस दल को गुमराह कर रहा था, बल्कि वह गिरफ्तार किये गये तस्करों में से एक के सीधे संपर्क में भी था। मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि हुई। करीब 35 दिनों की गहन जांच-पड़ताल के बाद हवलदार मंगतराम को करीब 10 दिन पहले निलंबित कर दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) आरपी शर्मा को इसकी जांच सौंपी गयी है। यह मामला पूरे राजस्थान पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। एक तरफ बीएसएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, पुलिस, एसओजी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और विभिन्न खुफिया एजेंसियां पाकिस्तानी ड्रोन तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में दिन-रात मेहनत कर रही हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट ने श्रीगंगानगर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सीडीआर प्रकोष्ठ तक अपनी पहुंच बना ली।
पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि वे पहले भी रावला क्षेत्र से हेरोइन की कई खेपें सफलतापूर्वक पंजाब पहुंचा चुके थे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हवलदार मंगतराम अन्य तस्करों के सिंडिकेट से भी जुड़ा था या नहीं। अगर और संबंध सामने आये तो मामला और भी संगीन हो जाएगा। उधर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने आज इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीडीआर प्रकोष्ठ के हवलदार मंगतराम ने 10 किलो से अधिक हेरोइन की खेप वाले मामले में रावला क्षेत्र के दल को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में पता चला कि वह पकड़े गये आरोपियों में से एक के संपर्क में भी था। इसलिए उसे निलंबित करके जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरपी शर्मा को सौंपी गयी है। जांच रिपोर्ट आने पर औरसख्त कार्रवाई की जाएगी।
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