भोपाल , जनवरी 22 -- मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा कलेक्टर कमिश्नर कांफ्रेंस में दिए एक कथित वक्तव्य को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री पटवारी ने अपने पत्र में लिखा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए मुख्य सचिव का कथन प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के संस्थागत रूप और "लेन-देन आधारित शासन" का प्रत्यक्ष संकेत है। यदि यह कथन गलत या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है, तब भी सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह तत्काल स्थिति स्पष्ट करे, क्योंकि यह आरोप प्रदेश के शासन-प्रशासन की साख को गहराई से प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मध्यप्रदेश में "50% कमीशन" की चर्चा के माध्यम से शासन व्यवस्था में भ्रष्टाचार की ओर जनता का ध्यान दिला रही है, किंतु भाजपा सरकार इसे राजनीतिक आरोप बताकर टालती रही। पर अब मुख्य सचिव के कथित बयान से यह शंका और प्रबल होती है कि राज्य में भ्रष्टाचार, केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संरचित चैनल के रूप में कार्यरत है।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के विरुद्ध है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि भ्रष्टाचार की यह व्यवस्था किसके संरक्षण में चल रही है।
श्री पटवारी ने श्री मोदी से मांग की कि मुख्य सचिव के इस कथित वक्तव्य की सत्यता की पुष्टि कराई जाए तथा संबंधित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिकॉर्ड/ट्रांसक्रिप्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सके। राज्य के सभी जिलों में जिला प्रशासन स्तर पर भ्रष्टाचार व लेन-देन की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हेतु केंद्रीय एजेंसी/स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
जिन अधिकारियों/राजनीतिक पदाधिकारियों/दलालों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो।
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