बैतूल , फरवरी 6 -- सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लगातार लापरवाही बरतने पर बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त रुख अपनाते हुए 37 अधिकारियों और कर्मचारियों के फरवरी माह के वेतन में कटौती के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

कलेक्टर ने नॉन-अटेंड रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि जनता की शिकायतों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधे आर्थिक दंड की कार्रवाई की जाएगी।

जारी आदेशों के अनुसार एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन बैतूल के जिला प्रबंधक विख्यात हिडोंलिया का 9 दिन, बिजली वितरण केंद्र बोरदेही के सहायक प्रबंधक संतोष कुमार चंदेल का 7 दिन, जनपद पंचायत बैतूल की सीईओ शिवानी राय तथा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव सुरेश कुमार परते का 6-6 दिन का वेतन काटा जाएगा।

इसी तरह जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की सीईओ तीजा पवार, श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत एवं जनपद पंचायत मुलताई के सीईओ धर्मपाल सिंह मरकाम का 5-5 दिन का वेतन कटौती के दायरे में आया है। इसके अलावा तहसीलदारों सहित पीडब्ल्यूडी, पीएचई, बिजली कंपनी, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, कृषि, परिवहन और वन विभाग के अधिकारियों के वेतन में 1 से 4 दिन तक की कटौती के आदेश दिए गए हैं।

कलेक्टर सूर्यवंशी ने दो टूक कहा कि सीएम हेल्पलाइन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें लापरवाही जनता के भरोसे के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में शिकायतों के समय पर निराकरण में कोताही बरतने वालों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन में जवाबदेही का माहौल बन गया है। माना जा रहा है कि इस सख्ती से शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार होगा और आम जनता को समय पर राहत मिल सकेगी।

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