केंद्रापड़ा , फरवरी 1 -- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की ओर से देशव्यापी तटीय साइक्लोथॉन के तहत रविवार को सीआईएसएफ का दल ओडिशा के राजकनिका पहुंचा। इस अभियान का उद्देश्य "सुरक्षित तट, समृद्ध भारत" थीम के तहत तटीय सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।
राजकनिका पहुँचने पर साइक्लोथॉन दल का स्थानीय लोगों, नेताजी क्लब के सदस्यों और कानिका राजपरिवार द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर कानिका रॉयल पैलेस के समीप एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सीआईएसएफ के कमांडेंट सनत पटेल, सहायक कमांडेंट आकाश जायसवाल, कानिका के राजा शिवेंद्र नारायण भंजदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सीआईएसएफ अधिकारियों ने तटीय सुरक्षा में समुदाय की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता की साझा जिम्मेदारी बताया। इस पहल के माध्यम से 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे राष्ट्रव्यापी समारोह को भी रेखांकित किया गया।
यह साइक्लोथॉन 28 जनवरी को प्रारंभ हुई थी और 22 फरवरी 2026 को समाप्त होगी। इस दौरान यह अभियान भारत की 6,553 किलोमीटर लंबी संपूर्ण तटरेखा को कवर करेगा। सीआईएसएफ की दो टीमें एक, बक्खाली (पश्चिम बंगाल) और दूसरी लखपत (गुजरात) से एक साथ रवाना हुई हैं, जो नौ तटीय राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरते हुए कोच्चि में मिलेंगी।
कमांडेंट सनत पटेल ने 25 दिवसीय इस अभियान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत की तटीय विरासत का उत्सव मनाने, ब्लू इकोनॉमी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का प्रयास है। वहीं सहायक कमांडेंट आकाश जायसवाल ने कहा कि तटीय सुरक्षा के साथ-साथ यह साइक्लोथॉन युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है।
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