अमृतसर , फरवरी 09 -- केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में सिख उम्मीदवारों के कड़े उतारने की घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सोमवार को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह सिख विरोधी मानसिकता का प्रकटीकरण है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कल बठिंडा के भोखरा गांव स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिये बनाये गये परीक्षा केंद्र में सिख उम्मीदवारों के कड़े उतारने का मामला सामने आया। एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब एक ऐसा क्षेत्र है जहां सिखों की आबादी अधिक है और सभी जानते हैं कि कड़े पहनना सिखों का अभिन्न अंग है, लेकिन इसके बावजूद सिख उम्मीदवारों के कड़े उतारना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुरुओं की भूमि पंजाब में किसके इशारे पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। क्या पंजाब सरकार इसे मंजूरी दे रही है? यदि हां, तो इससे अधिक दुखद क्या हो सकता है?एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने कहा कि इस गंभीर मामले की गहन जांच की जाएगी और कार्रवाई हेतु श्री अकाल तख्त साहिब को रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल, इसकी जांच जारी है। इस जांच के लिए गुरुद्वारा श्री हाजीरतन साहिब बठिंडा के प्रबंधक दर्शन सिंह, तलवंडी उप कार्यालय के प्रभारी भोला सिंह और प्रचारक सिंहों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस समिति की जांच रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

एडवोकेट धामी ने पंजाब की जनता से ऐसी हरकतों के खिलाफ मौके पर ही विरोध दर्ज कराने की अपील की। उन्होने कहा कि किसी भी सिख विरोधी कार्रवाई का विरोध किया जाना चाहिए और हर सिख का यह कर्तव्य है कि वह मौके पर सिख संदर्भ में अपने वचन का निर्वाह करते हुए राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करे। यदि ऐसी हरकतों को मौन स्वीकृति मिलती रही, तो सिख विरोधी तत्वों का साहस और भी बढ़ जाएगा।

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