उज्जैन , दिसंबर 14 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की किसानों की भूमि के लैंड पूलिंग के विरोध में भारतीय किसान संघ ने 26 दिसंबर को प्रांतीय स्तर पर महाधरना करने की घोषणा की है। इस आंदोलन को डेरा डालो घेरा डालो नाम दिया गया है, जिसके तहत उज्जैन में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
भारतीय किसान संघ की उज्जैन में आयोजित बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा कि प्रदेश शासन ने 17 नवंबर को भोपाल में हुई बैठक में लैंड पूलिंग समाप्त करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ धोखा किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष आंजना ने कहा कि संगठन का धैर्य अब समाप्त हो चुका है और अब आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से सिंहस्थ में अस्थायी टेंट और तंबू लगते आए हैं, स्वयं साधु-संत भी पक्के मकानों में डेरा नहीं डालते, ऐसे में किसानों की जमीन छीनकर पक्की इमारतों और कंक्रीट के जंगल नहीं बनने दिए जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।
उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को उज्जैन शहर में डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 18 जिलों की 115 तहसीलों से कार्यकर्ता अपने वाहनों से उज्जैन पहुंचेंगे। आंदोलन में शामिल कार्यकर्ता डंडा, झंडा, आटा, दाल, चावल, लकड़ी और कंडा सहित आवश्यक सामग्री लेकर आएंगे।
चिंतामण रोड स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित बैठक में 18 जिलों के 239 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने उज्जैन के किसानों के पक्ष में सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन का शंखनाद किया।
बैठक की शुरुआत कृषि देवता भगवान बलराम जी एवं भारत माता के पूजन और ध्वजारोहण के साथ की गई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री राजेंद्र शर्मा, प्रांत संगठन मंत्री अतुल माहेश्वरी और महामंत्री रमेश दांगी विशेष रूप से उपस्थित थे।
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