भोपाल , जनवरी 28 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के बड़े आदिवासी नेता उमंग सिंघार ने आज दावा किया कि श्रीराम का साथ देने वाले वानर वीर बाली, सुग्रीव, अंगद और श्री हनुमान आदिवासी परंपराओं से जुड़े हुए थे।

श्री सिंघार ने अपने बयान में कहा कि वे हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं। गोंड धर्म सद्विचार के पृष्ठ संख्या 10 पर स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वनवास काल में जिन वानर वीरों ने उनका साथ निभाया जिनमें बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान जी शामिल हैं, वे आदिवासी परंपरा से जुड़े गोंड, कोल और कोरकू धर्म योद्धा थे। यह केवल मान्यता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक ग्रंथों में दर्ज ऐतिहासिक तथ्य है।

उन्होंने आगे कहा कि माता शबरी का संबंध भी भील समाज से था, यह तथ्य स्वयं रामायण ग्रंथ में वर्णित है। विज्ञान भी इस ऐतिहासिक-सांस्कृतिक सत्य की पुष्टि करता है। होमाे सेपियंस शब्द स्वयं यह संकेत देता है कि मानव की उत्पत्ति वानर वंश से जुड़ी विकासात्मक प्रक्रिया से संबंधित है। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि वैज्ञानिक निष्कर्ष है।

श्री सिंघार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अगर यह मानने को तैयार नहीं है कि हनुमान जी सहित वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी, तो उन्हें चाहिए कि वे गोंड समाज से पूछें उनके धर्म ग्रंथों में क्या लिखा है और वे इस बात को नहीं स्वीकारते।

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