कोलकाता , अप्रैल 09 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण सिंगूर की जमीन न खेती के काम आ रही है और न ही वहां कोई उद्योग स्थापित हो पाया है।

पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए श्री चौहान ने सिंगूर में किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विवादित भूमि का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक बन गया है। कभी टाटा मोटर्स की नैनो परियोजना के लिए चर्चित रहा सिंगूर आज बदहाल स्थिति में है। यहां न फैक्ट्री बनी और न ही जमीन खेती के लायक छोड़ी गई। क्षेत्र के किसान आज भी असमंजस में खड़े हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता दीदी को किसानों से नहीं, बल्कि कुर्सी से प्रेम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए किसानों की भावनाओं का इस्तेमाल किया गया, लेकिन बाद में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया।

श्री चौहान ने कहा कि आलू किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 50 किलो आलू 100 रुपये तक बिक रहा है, जिससे किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों को अन्य राज्यों में बेहतर दाम पर उपज बेचने से रोका है।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस), मार्केट इंटरवेंशन स्कीम और भावांतर भुगतान जैसी योजनाओं का लाभ बंगाल सरकार ने नहीं उठाया। उन्होंने जोर दिया कि अगर राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती, तो केंद्र तुरंत अनुमति देता और किसानों को राहत मिलती।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि यदि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनती है, तो सिंगूर को एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां कोल्ड स्टोरेज, आधुनिक तकनीक और वैल्यू एडिशन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा।

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