हैदराबाद , अप्रैल 05 -- तेलंगाना जागृति की संस्थापक के. कविता ने सिंगरेनी को बचाने के लिए नए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना जागृति कार्यालय में आयोजित 'सेव सिंगरेनी' राउंड टेबल बैठक में राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की।

बैठक में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें एचएमएस के महासचिव रियाज अहमद, फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता और सिंगरेनी के कर्मचारी शामिल थे। बैठक में कोयला कंपनी के भविष्य और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

सभा को संबोधित करते हुए सुश्री कविता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार में सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड और उसके कर्मचारियों की समस्याओं की समझ और प्रतिबद्धता का अभाव है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच कराने के बजाय सरकार को सौर और लिथियम समझौतों सहित ठेकों में कथित भ्रष्टाचार की जांच करनी चाहिए।

उन्होंने सिंगरेनी को बकाया 47,000 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की मांग की और चेतावनी दी कि देरी से कर्मचारियों की सुरक्षा, वेतन और संस्थान के कामकाज पर असर पड़ रहा है।

बैठक में पारित प्रस्तावों का जिक्र करते हुए सुश्री कविता ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र को पत्र लिखकर नए श्रम संहिताओं के लागू होने का विरोध करना चाहिए। साथ ही मानवीय आधार पर मेडिकल बोर्ड का गठन, आश्रित नौकरियों और उपनाम (एलियस नाम) जैसे लंबित मुद्दों का समाधान और 2,250 करोड़ रुपये के लिथियम रिफाइनरी सौदे पर श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।

सुश्री कविता ने कहा कि सिंगरेनी तेलंगाना की जीवनरेखा है और सभी ट्रेड यूनियनों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर कर्मचारियों के हित में एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने यह भी मांग की कि नैनी कोल ब्लॉक और तडीचेरला कोल ब्लॉक सहित भविष्य की खदानों का संचालन केवल सिंगरेनी द्वारा किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो तेलंगाना आंदोलन की तर्ज पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें कोयला खदानों में हड़ताल भी शामिल हो सकती है।

सुश्री कविता ने यह भी कहा कि बैठक में पारित प्रस्तावों को औपचारिक रूप से सरकार को सौंपा जाएगा।

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