पटना , जनवरी 25 -- जनवादी लेखक संघ ,पटना के बैनर तले राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध साहित्यकार वीरेंद्र यादव, विनोद कुमार शुक्ल, राजेंद्र कुमार एवं ज्ञानरंजन की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रविवार को किया गया।इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में प्रांतीय सचिव कवि कुमार विनिताभ ने चारों साहित्यकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि लेखकों को जनता की समस्याओं पर हो रहे आंदोलनों से सरोकार रखना चाहिए। उन्होंने चारों दिवंगत साहित्यकारों को जनता का लेखक बताते हुए कहा कि उनके साहित्यिक अवदानों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
जनवादी लेखक के अध्यक्ष और प्राच्य प्रभा के संपादक विजय कुमार सिंह ने विनोद कुमार शुक्ल की कविता "तंदूर पर बनने वाली रोटी सबके हिस्से की नहीं होती" की चर्चा करते हुए दिवंगत साहित्यकारों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इन चारों साहित्यकारों का निधन साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति है।
अराजपत्रित कर्मचारी संघ नेता मंजुल कुमार दास ने कहा कि साहित्यकारों को भी जनमुद्दों पर सड़क पर उतरना चाहिए। इनका सड़क पर उतरना आंदोलनों में बड़ा सहयोग होगा।
वामपंथी नेता अरूण कुमार मिश्र के बी राय एवं संजीव कुमार श्रीवास्तव ने दिवंगत लेखकों एवं कथाकारों के साहित्यिक अवदान की चर्चा करते हुये उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किये । पृथ्वी राज पासवान, सुजीत कुमार, संतोष सिंह राख, उमेश सिंह एवं अमलेंदु मिश्र ने इस अवसर पर,बारी बारी से शोक संदेश प्रस्तुत किया।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता डॉ. विजय कुमार सिंह एवं संचालन सचिव कुलभुषण के किया।
इस अवसर पर वाई पी यादव , अनुपम कुमार, राहुल कुमार, किशोर कुमार,अशोक मिश्र, त्रिलोकी नाथ पांडे, विनोद कुमार सिंह, कमल बास राय, अमित रजक , मनोज कुमार एवं विनोद कुमार सिंह, पत्रकार राजेश ठाकुर सहित अन्य कवियों, लेखकों एवं जनवादियों ने भी दिवंगत साहित्यकारों को श्रद्धांजलि दी ।
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