कोलकाता , दिसंबर 15 -- पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर के सालबोनी गांव में कुछ स्थानीय किसानों ने चूहों के बिलों से 179 गोलियां बरामद की हैं।

कभी माओवादियों का गढ़ रहे इस गांव में किसान बिलों को बंद करने के लिए मिट्टी खोद रहे थे, तभी उन्हें करीब 179 गोलियां मिलीं। इनमें छोटी और सेल्फ-लोडिंग राइफल दोनों तरह की बंदूकों की गोलियां थीं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने गोलियां ज़ब्त करने के लिये पुलिस बल भेजा।

ये गोलियां सालबोनी के गम्हरिया के पास चूहों के बिलों में प्लास्टिक के पैकेट में मिलीं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोलियों पर फफूंदी लग गयी थी और ये खराब हो चुकी थीं। गोलियां मिलने से लोगों में दहशत फैल गई, जिन्होंने सालबोनी पुलिस को सूचना दी, जिसने आगे की जांच के लिए उन गोलियों को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने बताया कि कुल गोलियों में से 122 छोटी थीं और 57 सेल्फ लोडिंग राइफल की थीं। इस बात की जांच शुरू हो गयी है कि ये गोलियां जंगलमहल के इस आदिवासी बहुल जिले में कैसे पहुंचीं। यह गांव माओवादियों का पूर्व गढ़ था लेकिन नवंबर 2011 में उनके नेता किशनजी (मल्लोजुला कोटेश्वर राव) के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद यहां माओवाद खत्म हो गया था।

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