जयपुर , फ़रवरी 25 -- राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में अधिक से अधिक पात्रों को जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जा रहा है और प्रदेश में गिव अप अभियान के तहत 75 लाख से अधिक वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया हैं जिससे यह अभियान सामाजिक न्याय एवं संवेदनशील समाज का एक उत्तम प्रतीक बनकर उभरा है।
श्री गोदारा मंगलवार रात विधानसभा में विभाग की अनुदान मांग पर बहस का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने विभाग की 11 अरब 76 करोड़ 41 लाख 75 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।
इससे पहले श्री गोदारा ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के द्वारा वर्तमान में प्रदेश के 4.38 करोड़ पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क पांच किलो गेंहू दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गैस सब्सिडी के लिए वर्ष 2015 में चलाए गए गिव इट अप अभियान से प्रेरणा लेकर प्रदेश में संपन्न लोगों द्वारा खाद्य सब्सिडी के स्वैच्छिक त्याग के लिए गिव अप अभियान नवंबर 2024 में शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से 55 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से अपने खाद्य सब्सिडी का त्याग किया जिससे खाद्य सुरक्षा सूची में पात्र लोगों के लिए जगह बनी। इनमें से छह लाख लोगों ने घर बैठे ऑनलाइन अपनी खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। उन्होंने बताया कि क्रमश: भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, बीकानेर, खैरथल-तिजारा एवं जयपुर में सबसे अधिक संपन्न लोगों ने अपनी खाद्य सब्सिडी का स्वेच्छा से त्याग किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षेत्रीय परिषद की हाल ही में संपन्न बैठक में गिव अप अभियान की सराहना केंद्र सरकार द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड से अब पात्र लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर सकता है।
श्री गोदारा ने बताया कि 26 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री के कर कमलों से वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा देने के पुनीत लक्ष्य के साथ खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन प्रारंभ किया गया। गिव अभियान एवं लगभग 27 लाख लोगों द्वारा ई केवाईसी नहीं करने के कारण बनी रिक्तियों से खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन: प्रारंभ होने के बाद 75 लाख से अधिक वंचित पात्र खाद्य सुरक्षा से जुड़ पाए हैं। अभी भी नौ लाख पात्र वंचितों को जोड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां मौजूद है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन: प्रारंभ होने का सर्वाधिक लाभ वंचित समूहों को हुआ है। उन्हें नि:शुल्क राशन के साथ-साथ मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है एवं उनका जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राशन डीलरों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसे 137 रुपए से बढ़ाकर 150.70 रुपए किया गया है एवं कमीशन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 तक का राशन डीलरों के कमीशन का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत साल में 450 रुपए प्रति सिलेंडर की दर से 12 सिलेंडर दिए जा रहे हैं। योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें सभी एनएफएसए लाभार्थियों को शामिल किया गया है। गत दिसंबर तक 5.68 करोड़ रिफिलिंग इस योजना के तहत करवाई जा चुकी है। लाभार्थियों के खातों में 1051 करोड़ रुपए की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा की रसोई गैस सिलेंडरों के कमर्शियल उपयोग को रोकने हेतु प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अवैध सिलेंडर भंडारण की रोकथाम की जा रही है।
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