बारां , अप्रैल 21 -- राजस्थान में बारां जिले के शाहाबाद उपखंड में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खटका में प्रधानाचार्य द्वारा एक साथ सात शिक्षकों को पदस्थापन के आदेश की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखे जाने मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस फैसले के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को स्कूल के मैन गेट पर ताला जड़ कर प्रदर्शन किया, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानाचार्य भंवरलाल शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से स्कूल के सात शिक्षकों को एपीओ कर दिया। जिससे नाराज छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों के अभाव में उनका शैक्षणिक भविष्य अनश्चितता में पड़ गया है।
ग्रामीणों और छात्रों ने प्रधानाचार्य की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य पिछले कई महीनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं और दूरस्थ स्थान से ही स्कूल का संचालन कर रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सभी सात शिक्षकों के एपीओ रद्द किए जाने के साथ ही प्रधानाचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
उधर, सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया। मौके पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और छात्रों, स्कूल स्टाफ, कुक और सरपंच के बयान दर्ज किए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रधानाचार्य को सीधे शिक्षकों को एपीओ करने का अधिकार नहीं है। यह प्रक्रिया उच्च स्तर की स्वीकृति से ही संभव है। प्राचार्य को तलब किया गया है।
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