पटना , फरवरी 25 -- ात निश्चय 3 अंतर्गत कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि" के तहत डेयरी पर विशेष जोर, नस्ल सुधार के लिए बुधवार को तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत हुई।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव, शीर्षत कपिल अशोक ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में निदेशक, पशुपालन निदेशालय उज्जवल कुमार सिंह एवं कॉम्फेड के प्रबंधक निदेशक समीर सौरभ, गव्य विकास निदेशालय के निदेशक विनय कुमार चौधरी, परियोजना निदेशक, बिहार पशुधण विकास अधिकरण (बीएलडीए) सुनील ठाकुर शामिल रहे।

चरणवद्ध तरीके से सम्पूर्ण राज्य के प्रखण्डस्तरीय पशुचिकित्सालयों में पदस्थापित 534 भ्रमणशील पशुचिकित्सा पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान करने संबंधित तथा दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित प्रखण्ड के पशुचिकित्सकों के द्वारा अपने सम्पूर्ण प्रखण्ड अन्तर्गत पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्त्ता / कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता मैत्री को कृत्रिम गर्भाधान के आधुनिक तकनीक, समिति गठन एवं निबंधन के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा।

डेयरी,मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव ने बताया कि सात निश्चय 3 के द्वारा नस्ल सुधार कार्यक्रम के द्वारा आगे आने वाले तीन वर्षों में बिहार में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति होने जा रही है. क्योकि इस कार्यक्रम में केवल अच्छे गुणवत्ता वाले सेक्स सॉर्टेड सीमेन का ही प्रयोग किया जाना है। परिणामस्वरूप उच्च दुग्ध उत्पादन वाली बांछी के रूप में वत्स प्राप्त होगें, जिससे बिहार के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी एवं पशुपालकों के आय में भी वृद्धि होगी।

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